जयपुर , नवम्बर 01 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस की रैली पर निशाना साधते हुए इसे देश में निराशाजनक माहौल खड़ा करने की कोशिश करार देते हुए कहा है कि इस प्रदर्शन को राजस्थान से समर्थन नहीं मिला।

डा चतुर्वेदी ने रविवार को यहां मीडिया से बातचीत में यह दावा किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह रैली देश में निराशा जनक माहौल खड़ा करने की कोशिश है, कांग्रेस के पास कोई मुद्दे नहीं है, और जो मुद्दे नहीं है, उन्हें मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2024 के जिन चुनावों को अवैध बताकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे है, वह भूल जाते है कि श्री ज्ञानेश कुमार 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे, और 2024 के चुनाव के आधार पर स्वयं राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बनकर बैठे है। यदि चुनाव अवैध है तो राहुल गांधी स्वयं और उनके साथी सभी सांसद ढाई साल से अवैध रूप से सांसद बने हुए है।

उन्होंने पूछा कि इसी एसआईआर के बाद उनकी जिन राज्यों में सरकारें बनी है, क्या वे भी अवैध है। क्या उनकी सरकारें इसी आधार पर इस्तीफा देगी।

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाली कांग्रेस को पहले अपने इतिहास का जवाब देना चाहिए। देश में आपातकाल लगाकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया। अटल जी, आडवाणी जी सहित विपक्षी नेताओं को जेल में डाला और प्रेस पर सेंसरशिप लागू की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के लिए संविधान के अनुच्छेद 356 का बार-बार दुरुपयोग किया और निर्वाचित सरकारों को गिराने का काम किया। 1957 से 1967 तक के दशक में 18 बार, 1967 से 1971 के चार साल के कार्यकाल में 45 सरकारों को गिराने , करीब 1800 से अधिक विधायकों के खरीद-फरोख्त करने और 93 बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग करने का कांग्रेस का काला इतिहास है। जिस पार्टी का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने से जुड़ा रहा है, उसका आज लोकतंत्र बचाने के नाम पर आंदोलन करना जनता को गुमराह करने वाला है।

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