रायपुर , अक्टूबर 09 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के बस्तर दौरे पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक पर्यटन करार दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आंतरिक कलह और गुटबाजी से जूझ रही है तथा प्रदेश में उसका संगठनात्मक ढांचा कमजोर हो चुका है।

श्री पाण्डेय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है और नए प्रदेश प्रभारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को एकजुट करने की है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी परिस्थितियों में श्री भगत किस गुट को साथ लेकर चलेंगे और किसे किनारे करेंगे। उनका आरोप है कि पार्टी के भीतर आपसी मतभेद इस स्तर तक पहुंच चुके हैं कि एक गुट को संतुष्ट करने पर दूसरा गुट विरोध में खड़ा हो जाता है।

भाजपा सांसद ने कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने बस्तर की उपेक्षा की और क्षेत्र में भ्रष्टाचार तथा अस्थिरता को बढ़ावा दिया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के दूरस्थ वनांचलों तक विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार कर रही है।

सांसद पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बस्तर या सरगुजा सहित राज्य के किसी भी हिस्से का दौरा कर लें, लेकिन भाजपा सरकार के खिलाफ उन्हें कोई ठोस मुद्दा नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के कारण कांग्रेस राजनीतिक मुद्दों के अभाव से जूझ रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को संगठन की समीक्षा के साथ पार्टी के भीतर व्याप्त मतभेदों पर भी ध्यान देना चाहिए। श्री पाण्डेय ने आरोप लगाया कि सुखदेव भगत का बस्तर प्रवास केवल राजनीतिक गतिविधियों और तस्वीरें खिंचवाने तक सीमित रहेगा तथा इससे प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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