नयी दिल्ली , सितंबर 27 -- कांग्रेस के एससी/ एसटी सांसद फोरम तथा पार्टी के संबंधित विभागों के संयुक्त तत्वावधान में दलित-आदिवासी समुदायों के स्वाभिमान, उनके खिलाफ भेदभाव एवं अत्याचार के मामलों पर विचार के लिए 29 सितंबर को यहां महत्वपूर्ण बैठक होगी।
कांग्रेस सांसद डॉ. मल्लू रवि, मनोज कुमार, तनुज पुनिया, करमवीर बौद्ध, भजन लाल जाटव तथा आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बैठक में कांग्रेस के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, पूर्व सांसदों, कांग्रेस शासित राज्यों के मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और कांग्रेस केएससी एवं एसटी विभागों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने बताया कि बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के मावलंकर हॉल में होगी। इसमें विशेष रूप से उत्तराखंड के हल्द्वानीमें कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद किये गये शुद्धिकरण अनुष्ठान पर चर्चाकी जाएगी।
बैठक में देशभर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के साथ भेदभाव और हिंसा की उन घटनाओं पर भी चर्चा होगी, जो नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वाभिमान, गरिमा, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का अधिकार देता है। एससी और एसटी समुदायों की सुरक्षा के लिए बनाये गये कानूनों के लगातार उल्लंघन को देखते हुए इन समुदायों के जनप्रतिनिधियों को संसद, विधानसभाओं और सार्वजनिक मंचों पर भेदभाव तथा सामाजिक पूर्वाग्रह के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि "मोदी सरकार दलित-आदिवासी विरोधी है। मोदी सरकार में दलितों-आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है। उनके साथ मारपीट की जाती है, उनका अपमान किया जाता है।"उन्होंने देश के सभी दलित-आदिवासी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से 29 सितंबर की दलित-आदिवासी सम्मान बैठक में शामिल होकर अन्याय के खिलाफ लड़ाई को मजबूती देने का अनुरोध किया।
श्री भूरिया ने कहा कि यह एक एक्शन फोरम होगा, जिसके तहत देश में जहां भी दलित-आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार होगा, वहां जाकर उनकी लड़ाई को मजबूती दी जाएगी।
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