रायपुर , सितंबर 22 -- छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने मंगलवार को कांग्रेस और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी अंदरूनी कलह और गुटबाजी को दूसरों पर मढ़ने की कोशिश नहीं करें।

श्री पाण्डेय ने रायपुर के भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले से जुड़े घटनाक्रम पर कहा कि यह कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि घटनाक्रम के वीडियो फुटेज में कांग्रेस के झंडे दिखाई दे रहे हैं और पार्टी के कार्यकर्ता आपस में उलझते नजर आ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि असम के नगांव में उपचुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव और भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस ने घटना के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि भाजपा की ओर से इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी से जोड़ा गया है। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

श्री पाण्डेय ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान भी कांग्रेस नेताओं के बीच हवाईअड्डे पर हाथापाई और झूमाझटकी की स्थिति बनी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बघेल जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान होता है। उन्होंने असम में कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार का बचाव किया।

भाजपा सांसद ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उस समय बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के अंदरूनी क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी और भाजपा कार्यकर्ताओं को कई इलाकों में जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि अब बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों के साथ मानपुर-मोहला और अन्य इलाकों में स्थिति बदली है।

श्री पाण्डेय ने कश्मीर में पत्थरबाजी के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज के पूर्व के बयानों का भी हवाला दिया और कांग्रेस पर इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस में ऊपर से नीचे तक गुटबाजी है। उन्होंने सरगुजा में टी.एस. सिंहदेव और बृहस्पति सिंह के बीच रहे विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने प्रशिक्षण शिविरों में सबसे पहले नेताओं को गुटबाजी नहीं करने का पाठ पढ़ाना चाहिए।

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