जयपुर , फरवरी 22 -- राजस्थान में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस नेताओं के चाल, चरित्र और चेहरे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वे चेहरा बेनकाब होने के डर से विधानसभा में सदन से भाग निकले।

डॉ चतुर्वेदी ने रविवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं का चरित्र "झूठ बोलो और भाग जाओ" का रहा है। हाल में राजस्थान विधानसभा में हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर इसे साबित कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने चेहरे से नकाब हटने के डर से लोकतंत्र की हत्या की, झूठ बोला, हंगामा किया और आठ करोड़ प्रदेशवासियों के धन का दुरुपयोग करते हुए सदन का समय नष्ट किया।

उन्होंने कहा कि श्री गोविंद सिंह डोटासरा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने सदन में हंगामा कर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को बोलने से रोकने का प्रयास किया, जो कांग्रेस की आंतरिक कलह को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकार के दो वर्ष का रिपोर्ट कार्ड सदन में प्रस्तुत कर तुलनात्मक बहस की चुनौती दी थी लेकिन कांग्रेस के पास जवाब न होने के कारण उन्होंने सदन में हंगामा कर कार्यवाही बाधित की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज 'सरकार दो वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024-25-26' को 16 फरवरी को कार्य सलाहकार समिति की बैठक में सभी सदस्यों के समक्ष रखा गया था। 16 फरवरी से 21 फरवरी तक यह दस्तावेज सभी विधायकों को उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद कांग्रेस ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। 21 फरवरी को जब इस विषय पर चर्चा शुरू हुई तो कांग्रेस ने हंगामा कर सदन की कार्यवाही बाधित की।

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि यह घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि कांग्रेस का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और वह तथ्यों पर बहस से बचने का प्रयास कर रही है।

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