रायपुर , मार्च 11 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन प्रश्नकाल के दौरान कांकेर जिले में जर्जर पुल-पुलियों की स्थिति का मुद्दा सदन में उठाया गया। इस पर चर्चा के दौरान आसंदी ने काम नहीं कर पा रहे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की आवश्यकता जताई।

प्रश्नकाल में विधायक विक्रम उसेंडी ने कांकेर जिले में क्षतिग्रस्त और संकरी पुल-पुलियों के निर्माण एवं मरम्मत को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि कई पुल-पुलियां संकरी होने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और कई जगह रेलिंग तक नहीं लगी है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। उन्होंने यह भी पूछा कि इन कारणों से अब तक कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं और सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि कांकेर से भानुप्रतापपुर-पखांजूर मार्ग क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क है और यहां पुल-पुलियों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अनुबंधित ठेकेदार के कार्य छोड़कर चले जाने के कारण काम अधूरा रह गया। अब तक 134 में से 114 पुल-पुलियों का निर्माण किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य अनुबंध से जुड़ी प्रक्रिया और न्यायालयीन मामले के कारण लंबित है।

उन्होंने बताया कि 11 पुल-पुलियां संकरी हैं, जिनके सुधार के लिए विभाग ने आवश्यक कदम उठाए हैं और संबंधित स्वीकृतियों की प्रक्रिया जारी है। बजट में इसके लिए प्रावधान किया गया है और एक पुल का निर्माण अप्रैल तक पूरा होने की संभावना है, जबकि अन्य कार्य भी प्रगति पर हैं।

इस दौरान विधायक उमेश पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि संबंधित सड़क पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जबकि विभाग की ओर से ऐसी कोई जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग तिथियों में पांच दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं।

इस पर आसंदी ने कहा कि यदि दुर्घटनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है तो उसे सदन के पटल पर रखा जाए। साथ ही यह भी कहा कि जो ठेकेदार निर्धारित कार्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने पर विचार किया जाना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि विभाग को अब तक थाने से दुर्घटनाओं की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है लेकिन सदन में उठाए गए मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कार्यों को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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