श्रीनगर , फरवरी 17 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने केन्द्र शासित प्रदेश में कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी और पर्यटन पर निर्भर आजीविका को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उनकी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने पिछले वर्ष बंद किये गये पर्यटन स्थलों को खोलने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, "इन स्थानों को बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है। सबसे कठिन दौर में भी हमने इन जगहों को बंद नहीं रखा। गृह मंत्री ने उसी दिन आश्वासन दिया था कि इन्हें खोलने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।"उन्होंने विशेष रूप से युसमर्ग और दूधपथरी का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक बंद रहने से वहां के लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आदेश जारी हो चुका है और पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ लोग इन स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता का लाभ उठा सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया था। ये स्थल पिछले वर्ष पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकवादी हमले के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिये गये थे। हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मृत्यु हुई थी।

भाजपा विधायक विक्रम रंधावा द्वारा कश्मीरियों पर जम्मू में भूमि अतिक्रमण का आरोप लगाए जाने संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ये दावे तथ्यों से मेल नहीं खाते। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2021 में सरकारी भूमि अतिक्रमण के एक मामले में संबंधित भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज था।

मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर से मनोनीत होने के बावजूद उनकी सांसद निधि का अधिकांश हिस्सा उत्तर प्रदेश में खर्च किया गया। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा नेताओं के कथन और व्यवहार के बीच अंतर उजागर होता है।

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