श्रीनगर , अगस्त 27 -- जम्मू कश्मीर पुलिस ने घाटी में एकमात्र सक्रिय स्थानीय आतंकवादी की गिरफ्तारी पर 15 लाख रूपये का इनाम घोषित किया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुलगाम जिले का 22 वर्षीय मोहम्मद लतीफ भट की गिरफ्तारी में मदद करने वालों को 15 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस संबंध में लगाये गये पोस्टर में लिखा गया है,"ऊपर बताए गए व्यक्ति के ठिकाने के बारे में विश्वसनीय जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति से अनुरोध है कि वह तुरंत सुरक्षा बलों से संपर्क करे।"पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लतीफ वर्तमान में कश्मीर में एकमात्र जीवित स्थानीय आतंकवादी है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि 20-30 पाकिस्तानी नागरिक और प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकवादी अभी भी घाटी के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के ख्रेवन चादर गांव का निवासी लतीफ के बारे में बताया जाता है कि वह 2025 में उग्रवादी गुटों में शामिल हुआ था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वह इस साल 2 जुलाई तक अधिकतर लोगों की नजरों से बचा रहा, जब उसे शोपियां में एक सर्विलांस कैमरे में जाकिर अहमद गनई के साथ देखा गया था। इसके तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाया जिसमें गनई मारा गया, जबकि भट भागने में सफल रहा।
पुलिस ने भट पर पिछले महीने दक्षिण कश्मीर में दो अलग-अलग हमले करने का आरोप लगाया है। विगत 22 जुलाई को अनंतनाग के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। नौ दिन बाद कुलगाम के किलामु गांव में एक ईंट भट्ठे पर दो बाहरी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। ये पिछले साल जुलाई में पहलगाम हमले के बाद घाटी में सामने आए पहले उग्रवादी हमले थे। पुलिस हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के बाद पूरे इलाके में 3,500 से अधिक संदिग्ध भूमिगत कार्यकर्ताओं के मददगार को हिरासत में लिया गया। लतीफ ने स्नातक की डिग्री हासिल करने के लिए कुलगाम के सरकारी डिग्री कॉलेज में दाखिला लेने से पहले अशमुजी के सरकारी उच्चतम माध्यमिक विद्यालय में पढ़ाई की थी। उसने अपनी पढ़ाई हालांकि पूरी नहीं की। वर्ष 2025 की शुरुआत में भूमिगत होने से पहले उसने कुछ समय के लिए शीशे का काम (ग्लेजियर) किया था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित