हैदराबाद , जून 29 -- तेलंगाना रक्षण सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष के कविता ने सोमवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के विधानसभा चुनाव क्षेत्र कोडंगल में हजारों फर्जी और अंतर-राज्यीय मतदाताओं की मौजूदगी का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता बरतने की मांग की है।

बंजारा हिल्स स्थित टीआरएस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में श्रीमती कविता ने दावा किया कि पिछले डेढ़ वर्ष में जहां बोधन में 7,000 से अधिक वोट हटाये गये, वहीं कोडंगल में केवल 808 वोट ही हटाये गये। उन्होंने कहा कि इससे पुनरीक्षण प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कोडंगल में लगभग 22,000 फर्जी वोट हैं। इनमें 11,000 ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो कर्नाटक के सेदम विधानसभा क्षेत्र में भी पंजीकृत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री का पक्ष लिया है, क्योंकि कोडंगल में उनकी जीत का अंतर भी लगभग इसी संख्या के आसपास था।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि बोधन में हटाये गये मतदाता दूसरी जगह चले गये थे, उनकी मृत्यु हो गयी थी या वे फर्जी प्रविष्टियां थीं। उन्होंने दावा किया कि चुनावी नियमों के अनुसार, दो प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने से पहले आवश्यक नोटिस जारी नहीं किये गये।

1,400 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए श्रीमती कविता ने कहा कि चुनाव आयोग के पास अलग-अलग राज्यों में फर्जी मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें हटाने की कोई व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने देश में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव, एक वोट' नीति लागू करने की मांग की, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश में हर मतदाता का केवल एक ही वैध पंजीकरण हो।

टीआरएस प्रमुख ने चुनाव आयोग से मतदाताओं के नाम हटाने, अंतर-राज्यीय फर्जी पंजीकरण और मतदाता सूची तैयार करने से जुड़े सभी मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची बेहद जरूरी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित