सुलतानपुर , अप्रैल 5 -- उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के चर्चित कल्यानपुर कांड की विवेचना अयोध्या पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई है। मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। न्यायालयीय सूत्रों के अनुसार प्रकरण की जांच अब अयोध्या के रुदौली थाने के निरीक्षक संजय मौर्य को सौंपी गई है। नए विवेचक ने पूर्व राज्य मंत्री के भाई अजय प्रताप सिंह के विरुद्ध लगी कुछ धाराओं को हटाने तथा रिमांड में परिवर्तन के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया है।

अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संतोष पाण्डेय ने इस आवेदन पर आपत्ति जताते हुए धाराओं को उचित बताते हुए आवेदन निरस्त करने की मांग की है। अभिलेखों के अभाव में पूर्व निर्धारित सुनवाई के दौरान रिमांड पर निर्णय नहीं हो सका।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने मामले में सुनवाई के लिए 6 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है तथा विवेचक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि यह मामला अखंडनगर थाना क्षेत्र के कल्यानपुर निवासी जिलाजीत यादव द्वारा 15 मार्च को दर्ज कराए गए मुकदमे से संबंधित है, जिसमें जमीनी विवाद को लेकर पूर्व राज्य मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत सिंह तथा अन्य आरोपियों पर जानलेवा हमला और फायरिंग करने का आरोप है। घटना में वादी पक्ष के कई लोग घायल हुए थे।

पुलिस ने प्रकरण में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत प्रताप सिंह तथा अजय प्रताप सिंह सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कुछ आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया गया है।

इस बीच अजय प्रताप सिंह और अभिषेक प्रताप सिंह की जमानत जिला जज न्यायालय से मंजूर हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई लंबित है।

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