मुंबई , जनवरी 21 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने बुधवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अपना समर्थन दे दिया है। इस कदम से महापौर पद पर दावा ठोकने के लिए शिवसेना की स्थिति और मजबूत हो गई है।

राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी द्वारा कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना सहित सत्तारूढ़ महायुति के खिलाफ निकाय चुनाव लड़ने के कुछ ही दिनों बाद आए इस फैसले ने राज्य भर में शिवसेना (यूबीटी) के साथ इसके गठबंधन के स्थायित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या यह नागरिक निकाय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है।

श्री शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन देने के मनसे के फैसले ने न केवल भाजपा, बल्कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी हैरान कर दिया है। उल्लेखनीय है केडीएमसी चुनाव के नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।

केडीएमसी में 31 वार्डों में पार्षदों की कुल संख्या 122 है। हालिया चुनावों में शिवसेना 53 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि भाजपा 50 सीटों के साथ उसके बेहद करीब है। शिवसेना (यूबीटी) ने 11 सीटें जीती हैं, मनसे ने पांच, कांग्रेस ने दो और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने एक सीट हासिल की है।

शिवसेना साधारण बहुमत के 62 के आंकड़े से नौ सीटें दूर है, जबकि भाजपा 12 सीटों से पीछे है।

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