खम्मम , जुलाई 27 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने सोमवार को कहा कि कल्याणकारी योजनाएं मुफ्त की रेवड़ियां नहीं बल्कि जनता पर किया जाने वाला निवेश हैं और उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी बच्चा भूखे पेट स्कूल न जाये।
मधिरा विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूल के छात्रों को मुफ्त पौष्टिक नाश्ता देने के लिए केंद्रीय सामुदायिक रसोई का उद्घाटन करते हुये श्री भट्टी ने कहा कि 27 लाख छात्रों को शामिल करने वाला यह प्रदेशव्यापी नाश्ता कार्यक्रम एक स्वस्थ और अधिक शिक्षित पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। राज्य सरकार छात्रों के पोषण में सुधार के लिए दूध और रागी माल्ट भी दे रही है।उपमुख्यमंत्री ने कहा, "छात्रों का भविष्य ही राज्य का भविष्य है। शासन सत्ता के लिए नहीं बल्कि जन कल्याण के लिए होता है।" उन्होंने मानव संसाधन को राज्य की सबसे बड़ी संपत्ति बताया और बच्चों को विश्वस्तरीय प्रतिभा बनाने के लिए "हीरे की तरह तराशने" का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि नाश्ता योजना हरे कृष्णा मिशन के सहयोग से और केंद्रीयकृत स्वच्छ रसोइयों के माध्यम से लागू की जा रही है। राज्य भर में स्थायी रसोइयों का निर्माण तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जायेगा।
उन्होंने कहा कि 4.5 लाख इंदिराम्मा घर स्वीकृत किये गये हैं। महालक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को 67,000 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है, स्वास्थ्य बीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है, 1.06 करोड़ परिवारों को हर महीने बारीक चावल मिल रहा है, और 'रायथू भरोसा' के तहत किसानों को 9,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल तेलंगाना भर में अपनी 'पीपुल्स मार्च' यात्रा के दौरान देखी गयीं कठिनाइयों से प्रेरित थीं।
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