लखनऊ , अगस्त 17 -- पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्वांचल के दिग्गज नेता स्वर्गीय कल्पनाथ राय की राजनीतिक विरासत को लेकर उठे विवाद के बीच उनकी बहू डॉ. सीता राय ने उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा पर सीधा आरोप लगाया है कि कुछ लोग सुनियोजित राजनीतिक साजिश के तहत कल्पनाथ राय की छवि धूमिल कर उनकी राजनीतिक विरासत को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

डॉ. राय ने सोमवार को यूनीवार्ता से कहा कि उनके परिवार को तोड़ने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश पहले भी की गई थी और आज भी जारी है। यदि कोई यह सोचता है कि वह कल्पनाथ राय का स्थान ले सकता है तो यह उसका भ्रम है। उनके ससुर ने पूर्वांचल और विशेषकर मऊ के विकास के लिए जो योगदान दिया, उसे मिटाया नहीं जा सकता।

उन्होने कहा कि वह मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को बड़े भाई के रूप में मानती रही हैं और उन्हें राखी भी बांधती रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के आमंत्रण पर वह कल्पनाथ राय की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं, लेकिन वहां उन्हें अपमानित महसूस करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें इस प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा नहीं थी और यह उनके लिए बेहद पीड़ादायक अनुभव रहा।

डा राय ने कहा कि वर्ष 2002 में उन्होंने मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से स्वर्गीय कल्पनाथ राय के विकास कार्यों और माफियावाद के विरोध के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था तथा पिछले दो दशकों से पार्टी के लिए लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार, परिवार में विवाद का मुद्दा खड़ा कर राजनीतिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुण्यतिथि जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में विरासत को लेकर विवाद उत्पन्न करना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।

उन्होने बताया कि मऊ जिले के सरायशादी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री एके शर्मा अपने संबोधन में कल्पनाथ राय के पुत्र सिद्धार्थ राय की राजनीतिक भूमिका और भविष्य की चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान वह मंच से उठकर नीचे चली गईं। उन्होंने कहा कि यह उनके सम्मान का प्रश्न था और जहां सम्मान नहीं हो, वहां बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

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