बैतूल , जून 09 -- बैतूल कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन को बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत अब किसी भी व्यक्ति, संगठन अथवा समूह को सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपने या कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रशासन की अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

आदेश में कहा गया है कि ज्ञापन सौंपने के लिए आयोजकों को पूर्व आवेदन प्रस्तुत करना होगा, जिसमें आयोजक सहित अधिकतम पांच व्यक्तियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर दर्ज करना आवश्यक रहेगा। आवेदन में प्रस्तावित तिथि और समय का उल्लेख भी करना होगा। निर्धारित समय से अधिकतम 30 मिनट की देरी ही स्वीकार की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुमति प्राप्त पांच व्यक्तियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सामूहिक ज्ञापन केवल कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार क्रमांक-1 पर ही सौंपे जा सकेंगे।

आदेश के तहत कलेक्ट्रेट परिसर की 100 मीटर की परिधि में किसी भी संगठन द्वारा सामूहिक प्रवेश, नारेबाजी, धरना अथवा प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त किसी भी रैली, जुलूस या प्रदर्शन के आयोजन के लिए कम से कम 48 घंटे पूर्व पुलिस को सूचना देना तथा सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए परिसर में लाठी, डंडे, पत्थर, घातक हथियार, ज्वलनशील पदार्थ, बारूद, पटाखे, पेट्रोल तथा अन्य प्रतिबंधित सामग्री लेकर प्रवेश करने पर भी रोक लगाई गई है। भारी एवं व्यावसायिक वाहनों के आवागमन पर भी प्रतिबंध रहेगा।

डॉ. सोनवणे ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश शासकीय कार्यक्रमों, ड्यूटी पर तैनात शासकीय कर्मचारियों, पुलिस बल तथा मजिस्ट्रेटों पर लागू नहीं होगा।

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