पटना , अगस्त 19 -- ंत श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू हुए संत श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान का पहला चरण अब गांव-गांव तक पहुंचने लगा है। 18 अगस्त से शुरू हुई तीन दिवसीय कलश यात्रा के माध्यम से सामाजिक समरसता और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता का संदेश देने के बाद अब अभियान का फोकस अनुसूचित जाति आबादी वाले टोलों की वास्तविक जरूरतों की पहचान और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर रहेगा।

बुधवार को मुंगेर, खगड़िया, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्णिया, कैमूर, भागलपुर, औरंगाबाद, सहरसा, मधेपुरा, नालंदा, सारण, नवादा, भोजपुर समेत कई जिलों में कलश यात्राएं आयोजित की गईं। इन यात्राओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान के उद्देश्य और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई। अब कलश यात्रा के बाद प्रशासनिक स्तर पर अनुसूचित जाति टोलों की मैपिंग और परिवारवार जरूरतों का आकलन अभियान की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।

18 से 20 अगस्त तक चलने वाली कलश यात्रा को अभियान के जनजागरूकता चरण के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद चिह्नित अनुसूचित जाति टोलों में यह पता लगाया जाएगा कि कितने परिवार सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और कितने परिवार अभी भी किसी योजना या बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।

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