कोलकाता , फरवरी 26 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तेजी लाने के लिए झारखंड और ओडिशा से 100-100 न्यायिक अधिकारियों की मांग की है।
यह कदम उच्चतम न्यायालय के उन निर्देशों के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि यदि आवश्यकता हो तो पड़ोसी राज्यों के न्यायाधीशों की सेवाएं ली जा सकती हैं।
अदालत के सूत्रों ने कहा कि उच्च न्यायालय ने गुरुवार को झारखंड और ओडिशा के अधिकारियों के साथ औपचारिक रूप से संवाद कर उन्हें इस आवश्यकता के बारे में सूचित किया।
यह निर्णय उच्चतम न्यायालय द्वारा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच समन्वय की कमी पर जताई गई चिंताओं के बीच आया है। उच्चतम न्यायालय ने पहले पुनरीक्षण अभ्यास के दौरान डेटा में विसंगतियों को नोट किया था और कहा था कि तथ्यात्मक विसंगतियों के निपटारे के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप आवश्यक है। यह स्पष्ट किया गया था कि उच्च न्यायालय ऐसे मुद्दों को हल करने के लिए न्यायिक अधिकारियों को तैनात करेगा।
आयोग के सूत्रों ने बताया कि बुधवार तक 532 न्यायाधीशों को एसआईआर से संबंधित कार्य सौंपे गए थे, जिनमें से 273 ने काम शुरू कर दिया है। हालांकि, काम की मात्रा काफी अधिक है, जिसके लिए और अधिक अधिकारियों की आवश्यकता है। उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय को आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को नियुक्त करने की भी अनुमति दी है।
सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय ने फिलहाल दोनों पड़ोसी राज्यों से 100-100 न्यायाधीशों का अनुरोध किया है। उनकी उपलब्धता के बारे में उचित विचार-विमर्श के बाद सूचित किया जाएगा। स्थिति के आधार पर बाद में और अधिकारियों की मांग की जा सकती है।
इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे, कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार और विशेष रोल ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता उपस्थित थे।
डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 21 फरवरी की आधी रात तक दर्ज तथ्यात्मक विसंगतियों से संबंधित आंकड़ों को अंतिम माना जाएगा और आयोग गुरुवार को अंतिम संख्या सूचित करेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि पश्चिम बंगाल के शेष न्यायिक अधिकारियों के लिए लॉगिन आईडी गुरुवार शाम तक तैयार कर ली जाएगी। झारखंड और ओडिशा से आने वाले अधिकारियों के रहने और भोजन की व्यवस्था भी अंतिम रूप दे दी गई है।
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