कोलकाता , अक्टूबर 20 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को चोरबागान भगदड़ की घटना की विशेष जांच आयोग की अध्यक्षता के लिए अपनी पसंद के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त करने की अनुमति दे दी है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी।

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उच्चतम न्यायालय के विशिष्ट दिशानिर्देशों और न्यायाधीशों की भारी कमी के कारण आयोग में किसी सेवारत न्यायाधीश को नियुक्त नहीं किया जा सकता है। यह फैसला त्रासदी की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सेवारत न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले जांच आयोग के शुरुआती अनुरोध में संशोधन करता है।

अब राज्य सरकार आयोग का नेतृत्व करने के लिए एक उपयुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश का चयन कर सकती है, जो इस घटना के सभी पहलुओं की जांच करेगा। इसमें वे परिस्थितियां शामिल होंगी जिनके कारण भगदड़ मची और इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार संभावित चूक या लापरवाही का पता लगाया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि आयोग इस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करेगा और यह तय करेगा कि क्या कोई व्यक्ति या अधिकारी गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार था।

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