कोलकाता , मई 14 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय से निकलते समय गुरुवार को पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार के खिलाफ अदालत परिसर में में "चोर! चोर!" के नारे लगे।
सुश्री बनर्जी गुरुवार सुबह वकील के लिबास में कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचीं। वह राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के संबंध में उनकी पार्टी द्वारा दायर एक मामले पर खुद बहस करने आई थीं।
न्यायालय 2026 के पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित होने के बाद कथित तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं से जुड़ी जनहित याचिकाओं (पीआईएल ) पर सुनवाई करने वाला है। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) ने शानदार जीत हासिल की थी। इन याचिकाओं को सुनवाई के लिए एक साथ सूचीबद्ध किया गया है।
इनमें से एक याचिका वामपंथी नेता बिकाश रंजन भट्टाचार्य ने दायर की थी। उन्होंने चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद कोलकाता के न्यू मार्केट के पास बुलडोजर का इस्तेमाल करके कथित रूप से चलाए गए तोड़फोड़ अभियानों पर सवाल उठाए हैं।
एक अलग याचिका तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी के पुत्र शीर्षान्या बनर्जी ने दायर की थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि नतीजों के बाद कई जिलों में तृणमूल कार्यकर्ताओं और पार्टी के दफ्तरों को निशाना बनाया गया।
दोनों मामलों को मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष संयुक्त सुनवाई के लिए एक साथ जोड़ दिया गया है। वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी पार्टी प्रतिनिधियों के साथ न्यायालय में मौजूद थे।
सुश्री बनर्जी ने न्यायालय से कहा, "पश्चिम बंगाल कोई बुलडोजर वाला राज्य नहीं है। पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है।"न्यायालय ने अंतरिम याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित