कोलकाता , फरवरी 23 -- पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के प्रतिनिधि सोमवार शाम को मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिये कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल से फिर मुलाकात करेंगे।
आज शाम को होने वाली इस बैठक का मकसद मतदाताओं के दस्तावेजों को सत्यापित करने वाले वाले न्यायिक अधिकारियों की चिंताओं को दूर करना और उनके सवालों का जवाब देना है। राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे इस बातचीत के दौरान मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद एसआईआर प्रक्रिया के तहत तथ्यों में गड़बड़ी वाले मतदाताओं के दस्तावेज की जांच और उन्हें निपटाने की जिम्मेदारी न्यायिक अधिकारियों को सौंपी गई है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अधिकारियों की पहचान करके उन्हें नियुक्त किया है और विधानसभा के अनुसार जिम्मेदारियां बांटी हैं।
इन न्यायाधीशों ने एसआईआर से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह तय किया जा सके कि सोमवार से न्यायिक जांच के बाद मतदाता सूची में किसके नाम रहेंगे और किसके नाम हटाए जाएंगे।चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, करीब 50 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड का सत्यापन और निराकरण अभी भी लंबित है। इस काम को करने के लिए उच्च न्यायालय ने शुरू में 21 फरवरी को 240 न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया था।
सूत्रों ने कहा कि आरोप हैं कि आयोग ने लंबित 50 लाख मतदाताओं की जिलावार और विधानसभा वार सूची नहीं दी, जिनका सत्यापन और निराकरण अधूरा है, जिससे प्रशासनिक दिक्कतें हुईं और इससे नई दिक्कतें पैदा हुई हैं। आज होने वाली बैठक में इन मुद्दों को उठाए जाने की उम्मीद है। इससे पहले, रविवार को आभासी माध्यम से एक बैठक हुई थी जिसमें नियुक्त न्यायिक अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और शीर्ष अदालत के निर्देशों के तहत जरूरी दस्तावेज सत्यापन के बारे में जानकारी दी गई थी।
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