नयी दिल्ली , जनवरी 29 -- कर्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष रश्मि सलूजा पर आरोप लगाया है कि वह फेडरेशन से निष्कासित किये जाने के बावजूद खुद को फर्जी तरीके से अध्यक्ष बता रही हैं।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राजधानी दिल्ली के प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया। फेडरेशन के महासचिव आकिब मोहम्मद ने कहा कि 11 जनवरी को फेडरेशन की बैठक में कई तरह की अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद सर्वसम्मति से रश्मि सलूजा को निष्कासित करने का निर्णय लिया गया था।

फेडरेशन की कोषाध्यक्ष प्रिया और एग्जिक्यूटिव सदस्य करण ने बताया कि फेडरेशन से निकाले जाने के बाद भी श्रीमती सलूजा गलत तरीके से अध्यक्ष बने रहने का दावा कर रही हैं और फेडरेशन के नाम का दुरुपयोग कर रही हैं।

कर्लिंग फेडरेशन के पदाधिकारियों ने श्रीमती सलूजा के फेडरेशन से निष्कासन संबंधी सभी दस्तावेज को दिखाते हुये बताया कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, गबन व अन्य मामलों में ईडी और सीबीआई जांच कर रही है। पदाधिकारियों ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि संगठन से निष्कासित व्यक्ति को न तो पद का उपयोग करने का अधिकार होता है और न ही संगठन के नाम से किसी भी तरह की गतिविधि करने का।

फेडरेशन के पदाधिकारियों के अनुसार रश्मि सलूजा की इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ आम जनता और खेल से जुड़े लोगों को गुमराह करती हैं, बल्कि इससे फेडरेशन की साख और खिलाड़ियों के हितों पर भी असर पड़ता है।

कर्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने साफ तौर पर कहा है कि फेडरेशन की वैध कार्यकारिणी वही है, जो 11 जनवरी की बैठक में तय की गई है, और इसके अलावा किसी भी दावे को अवैध माना जाएगा। फेडरेशन ने यह भी संकेत दिया कि यदि इसके बावजूद नाम और पद का दुरुपयोग किया गया, तो आगे नियमों के तहत कार्रवाई की जायेगी।

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