श्रीगंगानगर , नवम्बर 20 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में बुधवार को एक महिला बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) केविशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के दौरान गंभीर रूप से अस्वस्थ होने के बाद राजस्थान कर्मचारी संयुक्त महासंघ की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है।

श्रीगंगानगर जिले में जिला कलेक्ट्रेट सहित सभी उपखंड मुख्यालयों पर कर्मचारी रोजाना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन में महासंघ की मूल मांगों के अलावा, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य से जुड़े बीएलओ पर बढ़ते काम के बोझ और दबाव का मुद्दा भी प्रमुख रूप से शामिल हो गया है। अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे दैनिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बीएलओ पर अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।

महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कलवानिया ने गुरुवार को बताया कि श्रीगंगानगर में एक महिला बीएलओ पूजा पुनरीक्षण कार्य के दौरान सीमावर्ती गांव खालबाना में बुधवार दोपहर अचानक बेहोश होकर गिर गयीं। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें आईसीयू वार्ड में रखा गया था। आज सुबह उसकी हालत में थोड़ा सुधार होने पर उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन उसकी स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं है।

नर्सिंग कर्मचारी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी और महासंघ के प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने बताया कि पूजा कल फील्ड ड्यूटी पर थीं, जब नायब तहसीलदार ने उन्हें कार्य की गति बढ़ाने और लक्ष्य हासिल करने के लिए कहा। इसके कुछ ही देर बाद पूजा बेहोश हो गईं। श्री शर्मा ने कहा कि यह घटना बीएलओ पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव का जीता-जागता उदाहरण है।

महासंघ के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कल शाम पांच बजे के बाद जिला कलेक्ट्रेट और जिले के सभी उपखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए गये। श्रीगंगानगर में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों के एक शिष्टमंडल ने उपखंड अधिकारी से बीएलओ पूजा के साथ हुए व्यवहार को लेकर बातचीत की। उपखंड अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण कार्य को लेकर अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों के साथ सामान्य व्यवहार करें और उन पर किसी तरह का दबाव न डालें।

शिष्टमंडल ने इसका खंडन करते हुए कहा कि धरातल पर स्थिति बिलकुल अलग है। अधीनस्थ अधिकारी न केवल बीएलओ पर दैनिक लक्ष्यों के अनुसार काम करने का दबाव बना रहे हैं, बल्कि उन्हें धमकियां भी दे रहे हैं। श्री शर्मा ने आगे बताया कि जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में 30 बीएलओ को नोटिस जारी किया जाना इस दबाव की गंभीरता को दर्शाता है।

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