चंडीगढ़ , अगस्त 29 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने अपनी मांगों के समर्थन में सामूहिक अवकाश लेने वाले लाखों सरकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के राज्य सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी विफलताओं और वित्तीय कुप्रबंधन को छिपाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार अब कर्मचारियों के अधिकारों पर हमला करने के साथ उन्हें धमकाने का सहारा ले रही है।

श्री ढिल्लों ने शनिवार को कहा कि अपने जायज अधिकारों और मांगों को सरकार के समक्ष रखने के लिए नियमानुसार अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करना अत्यंत निंदनीय है। लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी कर्मचारियों की आवाज सुनकर उनकी जायज मांगों का समाधान करना है, न कि नोटिस और धमकियों के जरिए उनकी आवाज दबाना। उन्होंने कहा कि आप के यही नेता सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों के आंदोलनों में शामिल होते थे और उनकी मांगों के समर्थन में बड़े-बड़े वादे करते थे। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल से लेकर मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान तक इन नेताओं ने कर्मचारियों के संघर्ष को राजनीतिक सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल किया लेकिन सत्ता में आने के बाद वही कर्मचारी अब सरकार को बोझ और चुनौती नजर आने लगे हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि सरकारी कर्मचारी किसी भी सरकार की रीढ़ होते हैं। प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन और जनसेवाओं का संचालन उनके परिश्रम से होता है। ऐसे में कर्मचारियों के प्रति सरकार का अहंकारी और धमकाने वाला रवैया न केवल निंदनीय है, बल्कि उसकी तानाशाही मानसिकता को भी उजागर करता है।

श्री ढिल्लों ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और सरकार को टकराव का रास्ता छोड़कर बातचीत के माध्यम से तत्काल इनका समाधान करना चाहिए। कर्मचारियों की आवाज को नोटिस, दबाव या धमकियों के जरिए दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार और अन्य राज्यों की सरकारें अपने कर्मचारियों को समय पर महंगाई भत्ता (डीए) दे रही हैं, जबकि पंजाब के कर्मचारी अपने जायज बकाये से वंचित हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार प्रचार अभियानों और अन्य गैर-जरूरी खर्चों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है तो कर्मचारियों के जायज अधिकारों के लिए धन क्यों नहीं है।

श्री ढिल्लों ने कहा कि पंजाब भाजपा कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार को कर्मचारियों को डराने के बजाय उनकी मांगें स्वीकार करनी चाहिए तथा डीए, बकाया और अन्य जायज देय राशि समय पर जारी करनी चाहिए।उन्होंने कर्मचारियों से पंजाब में कर्मचारी हितैषी और जवाबदेह सरकार बनाने के लिए भाजपा का समर्थन करने की अपील की, ताकि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनके जायज लाभ समय पर मिल सकें और उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित