चंडीगढ़ , अगस्त 29 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को चेतावनी दी है कि अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी तरह की दमनात्मक कार्रवाई उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला होगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कर्मचारियों को डराने, धमकाने या उनके खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की तो कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी होगी और सड़क से लेकर विधानसभा तक उनके लिए संघर्ष करेगी।

श्री रंधावा ने शनिवार को कहा कि विरोध प्रदर्शन करना कर्मचारियों का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उन्हें धमकाकर उनकी आवाज दबाना। उन्होंने कहा कि अहंकार में लिए गए ऐसे फैसलों के राजनीतिक परिणाम भी सरकार को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पंजाब को कर्ज, नशे, बेरोजगारी और प्रशासनिक विफलताओं के संकट से बाहर निकालने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और अब सरकार की नीतियों के कारण उसके अपने कर्मचारी भी सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं और कांग्रेस उनके अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।

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