बेंगलुरु , जुलाई 14 -- कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में 10,000 भारत जोड़ो युवा संघों (बीजवाइएस) की स्थापना के लिए 1,010 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को मंजूरी दी है।

कार्यक्रम को 6,000 ग्राम पंचायतों और 4,000 शहरी वार्डों में लागू किया जायेगा और प्रत्येक युवा संगठन को खेल, सामुदायिक विकास तथा नेतृत्व निर्माण गतिविधियों को आयोजित करने के लिए 10 लाख रुपये का वार्षिक अनुदान मिलेगा। कुल बजट में से 10 करोड़ रुपये प्रशासनिक खर्चों के लिए रखे गये हैं।

इस पहल की घोषणा करते हुए उप-मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने कहा कि इसका उद्देश्य खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक सद्भाव और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में नेतृत्व कौशल विकसित करना है।

यह कार्यक्रम युवा अधिकारिता और खेल विभाग द्वारा ग्रामीण विकास और पंचायत राज, शहरी विकास, राजस्व और शिक्षा विभागों के समन्वय से चलाया जायेगा। योजना के कार्यान्वयन के तहत, प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक भारत जोड़ो युवा संघ स्थापित किया जायेगा। शहरी क्षेत्रों में, नगर पंचायतों में प्रति 4,000 लोगों पर, नगर पालिकाओं में प्रति 6,000 लोगों पर, नगर परिषद क्षेत्रों में प्रति 8,000 लोगों पर और नगर निगमों तथा बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी) के भीतर प्रति 10,000 लोगों पर एक संघ का गठन किया जायेगा। प्रत्येक संघ को 10 लाख रुपये का वार्षिक अनुदान मिलेगा, जबकि प्रत्येक इकाई से जुड़े एक प्रशिक्षक (ट्रेनर) को 24,000 रुपये प्रति वर्ष का मानदेय दिया जाएगा।

ये संगठन ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं, योग शिविरों, स्वास्थ्य और स्वच्छता अभियानों, पर्यावरण अभियानों, सामुदायिक विकास कार्यक्रमों और अन्य युवा-केंद्रित गतिविधियों का संचालन करेंगे। एक संघ बनाने के लिए आवेदकों को निर्दिष्ट ऑनलाइन पोर्टल या नागरिक सेवा केंद्रों के माध्यम से 16 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के कम से कम 100 सदस्यों को नामांकित करना होगा। प्रत्येक इकाई को कर्नाटक सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1960 के तहत पंजीकृत किया जायेगा।

जिला पंचायतों के उपायुक्तों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इन संघों के कामकाज के लिए सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, सामुदायिक भवनों या अन्य सार्वजनिक भवनों में जगह की पहचान करने और प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक संघ का प्रबंधन 15 सदस्यीय निर्वाचित कार्यकारी समिति करेगी जिसका कार्यकाल दो वर्ष का होगा। जिला स्तर की समितियाँ इसके कार्यान्वयन की निगरानी करेंगी, जबकि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय निगरानी समिति इस योजना की देखरेख करेगी। सरकार ने पंजीकरण, सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन और परिचालन दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए 31 जुलाई की समयसीमा तय की है। राज्यव्यापी गतिविधियाँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अनुदान की पहली दो किस्तों को जारी करने का काम 31 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित