बेंगलुरु , अगस्त 11 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।

श्री येदियुरप्पा ने आरोप लगाया कि महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले की जारी जांच के बीच श्री नागेंद्र को फिर से मंत्री बनाना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने 13 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से ठीक पहले चेतावनी दी कि विपक्ष श्री नागेंद्र के दोबारा मंत्री बनने, किसानों की समस्याओं, सूखे की स्थिति और जनकल्याणकारी योजनाओं में कथित कटौती को सदन में प्रमुखता से उठाएगा।

श्री नागेंद्र की पुनः नियुक्ति को अनुसूचित जनजाति समुदाय के खिलाफ "अक्षम्य अपराध" बताते हुए श्री विजयेन्द्र ने सवाल उठाया कि जब 187 करोड़ रुपये के फंड हेरफेर की जांच चल रही है, तो उन्हें मंत्रिमंडल में वापस लाने की क्या मजबूरी थी। उन्होंने कहा कि यह कोई निजी दुश्मनी नहीं है, बल्कि उस समुदाय के अधिकार का सवाल है जिसके विकास का पैसा इधर उधर किया गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस विवाद के बीच सरकारी अधिकारी पी. चंद्रशेखर की मौत का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकार पर अनुसूचित जनजाति समुदाय को न्याय दिलाने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विधानसभा सत्र के दौरान किसानों की बदहाली, सूखे और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे उठाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश में देरी के कारण कर्नाटक के कई हिस्सों में फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लाभार्थियों को भुगतान में कटौती या भुगतान रोके जाने से परेशानी का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि दुग्ध उत्पादकों को मिलने वाली करीब 1,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी रोक दी गई है।

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