बेंगलुरु , अगस्त 21 -- कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में धन के कथित गबन के मामले में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) और जनता दल (एस) के हंगामे के कारण शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही बाधित हुई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने श्री नागेंद्र के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की, जिससे अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा और उनसे कार्यवाही चलने देने की अपील करनी पड़ी।
विपक्ष ने सदन के बाहर भी अपना विरोध तेज कर दिया। भाजपा नेताओं और विधायकों ने वाल्मीकि प्रतिमा से विधानसभा की ओर मार्च निकाला और श्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग की। भाजपा ने मानसून सत्र के दौरान उनके निष्कासन को अपने आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया हुआ है।
सदन में हंगामे के बीच अध्यक्ष जी एस पाटिल ने मंत्री के एच मुनियप्पा से सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देने को कहा और बाद में विधायी कार्य निपटाया। विपक्ष के विरोध के बीच बिना चर्चा के कुछ विधेयक पारित भी कर दिए गएइसके बाद अध्यक्ष ने ध्यानाकर्षण सूचनाओं के उत्तर पटल पर रखे और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि वाल्मीकि निगम विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले श्री नागेंद्र को दोबारा मंत्रिमंडल में कैसे शामिल किया जा सकता है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि जब तक मंत्री को हटाया नहीं जाता, वे कार्यवाही बाधित करते रहेंगे।
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