बेंगलुरु , जनवरी 31 -- कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में पुलिस ने एक सेवारत पुलिस निरीक्षक को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
आरोपी की पहचान बेंगलुरु के के पी अग्रहारा पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर गोविंदराजू के रूप में हुई है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, उन्हें शाम करीब 4:30 बजे चामराजपेट स्थित सिटी आर्म्ड रिजर्व (सीएआर) मैदान में शिकायतकर्ता बिल्डर मोहम्मद अकबर से कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
अकबर की औपचारिक शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गयी है। अकबर ने आरोप लगाया था कि निरीक्षक ने पुलिस स्टेशन में अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम के तहत दर्ज धोखाधड़ी के मामले से उसका नाम हटवाने के लिए उससे पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। अकबर ने 24 जनवरीको शुरुआती तौर पर एक लाख रुपये दिये और लोकायुक्त पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद शेष राशि की वसूली के लिए जाल बिछाने में सहयोग किया।
अकबर ने शेष चार लाख रुपये सौंपे (जिन पर लोकायुक्त की प्रक्रिया के तहत फिनोलफथेलिन पाउडर लगाया गया था) तभी गोविंदराजू को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में वर्दीधारी इंस्पेक्टर को लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी के दौरान रोके जाने पर चिल्लाते और विरोध करते हुए दिखाया गया है।
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