बेंगलुरु , जुलाई 30 -- कर्नाटक सरकार ने 27,700 से अधिक सौर ऊर्जा चालित कृषि पंप सेट चालू करके राज्य को हर साल 200 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का दावा किया है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार कर्नाटक के सौर ऊर्जा कार्यक्रम के तहत चलाए गए इस पहल के तहत एक लाख से अधिक किसानों ने सौर ऊर्जा संचालित कृषि पंप सेट के लिए आवेदन किया है। इस कार्यक्रम से ग्रिड की मांग में लगभग 144 मेगावाट की कमी आई है और उम्मीद है कि इससे हर साल लगभग 240 मिलियन यूनिट बिजली खरीद की जरूरत खत्म हो जाएगी।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पीएम-कुसुम बी योजना के तहत लागू किए गए इस कार्यक्रम को तब तेजी मिली जब ऊर्जा विभाग ने निगरानी बढ़ाई और ईएससीओएमएस लागू करने वाली एजेंसियों और वेंडरों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए लागू करने में आ रही दिक्कतों को दूर किया। गौरतलब है कि सरकार सौर ऊर्जा संचालित कृषि पंप सेट लगाने के लिए 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती है, जिससे किसान कम लागत पर सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई अपना सकते हैं।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि कर्नाटक पूरे राज्य में 40,000 सौर ऊर्जा कृषि पंप सेट लगाने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसमें कहा गया है कि चालू पंप सेटों से ईएससीओएम के लिए हर साल बिजली खरीद में लगभग 146 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है, जबकि राज्य सरकार को कृषि पंप सेटों के लिए बिजली सब्सिडी में कमी से हर साल 200 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने की संभावना है। सरकार ने यह भी कहा कि दिन के समय भरोसेमंद बिजली मिलने से रात में सिंचाई पर किसानों की निर्भरता कम हुई है, जिससे सुरक्षा, सुविधा और उत्पादकता में सुधार हुआ है।

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