मांड्या , मई 06 -- कर्नाटक के मांड्या जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 40 बाल श्रमिकों की पहचान की गई है और बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में नियोक्ताओं के खिलाफ 14 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
उपायुक्त कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति और टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त कुमार ने कहा कि गैरेज, होटल और कारखानों में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को काम पर रखने वाले मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
श्री कुमार ने बताया कि जिला अधिकारियों ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच बाल और किशोर श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत 951 निरीक्षण किए, जिसके परिणामस्वरूप 40 बाल श्रमिकों को बचाया गया और उनकी पहचान की गई। इस संबंध में 14 प्राथमिकियां दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 26 मामले वर्तमान में जेएमएफसी कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में हैं।
उन्होंने बचाए गए बच्चों के लिए अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को स्कूलों से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करने, बार-बार अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के माता-पिताओं से बातचीत करने और जानकारी जुटाने का निर्देश दिया ताकि बच्चों को श्रम में प्रवेश करने से रोका जा सके।
उपायुक्त ने बाल श्रम और किशोर श्रम कानूनों पर तालुक स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बचाए गए बच्चों को पुनर्वास के लिए परामर्श, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए।
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