बेंगलुरु , मई 10 -- कर्नाटक विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य में 10 लाख से अधिक बंगलादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं और सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार 'वोट बैंक की राजनीति' के लिए उन्हें संरक्षण दे रही है।
श्री अशाेक ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर अवैध घुसपैठ गतिविधियों की अनदेखी की है। उन्होंने आरोप लगाया, "कांग्रेस नेता वोटों के लिए बंगलादेशी घुसपैठियों को चाहते हैं। सरकार ने कर्नाटक में अवैध बस्ती गतिविधियों की ओर से अपनी आंखें मूंद ली हैं।"श्री अशोक ने दावा किया कि अकेले बेंगलुरु में कई 'बांग्ला कैंप' हैं और आरोप लगाया कि अवैध प्रवासी महादेवपुरा और कोडागु सहित कई जिलों में फैल गये हैं, जहां नियोक्ता उन्हें सस्ते मजदूरों के रूप में काम पर रख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगलादेशी वालों ने बेंगलुरु के कोगिलु क्षेत्र में झुग्गियां बनाकर लगभग 10 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उनके अनुसार, भाजपा विरोध से पहले श्री सिद्धारमैया सरकार ने उन्हें आवास सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास किया था।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल भारत में अवैध बंगलादेशी घुसपैठ के लिए 'प्रवेश द्वार' बन गया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर घुसपैठियों को दस्तावेज और राशन कार्ड प्रदान कर उन्हें सुविधा देने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया, "देश भर में फैलने से पहले बंगलादेशी बंगाल को 'गेटवे ऑफ इंडिया' के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। सुश्री बनर्जी ने उन्हें आधिकारिक दस्तावेज देकर सशक्त बनाया और उन्हें स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी।"श्री अशोक ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में यह 'प्रवेश द्वार' अब बंद कर दिया गया है और कहा कि अवैध और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को भागने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ घुसपैठिये डकैती और अन्य गैरकानूनी कार्यों में शामिल थे।
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