बेंगलुरु , अक्टूबर 16 -- इंडिया गठबंधन की कर्नाटक इकाई ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है।
इस सिलसिले में शुक्रवार को विधायक भवन में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद के नेतृत्व में गठबंधन सहयोगियों की एक बैठक हुई। इसमें 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ एक अभियान चलाने और बेंगलुरु से लेकर जिला और तालुक स्तर तक लोगों को एकजुट करने का निर्णय लिया गया। बैठक में एक राज्य-स्तरीय समन्वय समिति बनाने का फैसला किया गया, जिसमें कांग्रेस, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले लिबरेशन), समाजवादी पार्टी और फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह समिति अभियान का समन्वय करेगी और राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन की योजना तैयार करेगी।
श्री हरिप्रसाद ने कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र की नींव है और पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को खत्म करने और सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की और चुनाव आयोग पर स्वतंत्र रूप से काम करने में विफल रहने का आरोप लगाया। ये आरोप गठबंधन नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
इस आंदोलन के तहत कर्नाटक के गठबंधन सहयोगी पहली नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में होने वाले विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे और पांच नवंबर को बेंगलुरु में एक विशाल विरोध रैली आयोजित की जायेगी, जिसके बाद इस अभियान को पूरे राज्य के जिलों और तालुकों तक ले जाया जायेगा।
बैठक में मौजूद नेताओं ने किसानों, मजदूरों, महिलाओं, छात्रों, युवाओं और प्रगतिशील संगठनों को इस आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह मुद्दा राजनीतिक दलों से कहीं ऊपर है और इसका संबंध संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से है।
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