बेंगलुरु , जून 08 -- कर्नाटक विधान परिषद में विधायकों के कोटे की सात सीटों के लिए कुल आठ उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।

इससे एक कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, जो राज्य विधानसभा में पार्टियों की मौजूदा ताकत को दिखाएगा।

चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार मतदान 18 जून को होगा और उसी शाम वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी हो जाएगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 11 जून है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच नौ जून को होगी।

ये सात सीटें सदस्यों के सेवानिवृत्त होने पर खाली होंगी। इनमें सर्वश्री गोविंदा राजू, नसीर अहमद, एन नागराजू (एमटीबी), के प्रताप सिम्हा नायक, टिप्पन्नाप्पा, सुनील वल्यापुर और बीके हरिप्रसाद शामिल हैं, जिनका कार्यकाल 30 जून को खत्म हो रहा है।

सूत्रों का कहना है कि सत्ताधारी कांग्रेस के पास विधानसभा में संख्या बल अधिक है। इसलिए उसे उसे ज़्यादातर सीटें जीतने का भरोसा है। हालांकि, एक अतिरिक्त उम्मीदवार के मैदान में होने से सीटों के बंटवारे को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गयी है। इससे क्रॉस-वोटिंग और पार्टी अनुशासन के आधार पर आखिरी सीट के लिए कड़े मुकाबले की संभावना बन गई है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऊपरी सदन में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की रणनीति के तहत उम्मीदवार उतारे हैं, अपने गठबंधन के गणित के समर्थन पर भी भरोसा कर रही है। जनता दल (सेक्युलर) ने भी एक चौंकाने वाले नामांकन के साथ मुकाबले में एंट्री की है, जिससे मुकाबले में एक नया राजनीतिक पहलू जुड़ गया है और कुछ वोटिंग राउंड में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना बन गयी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित