विजयपुरा , अक्टूबर 09 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक वित्तीय आपातकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहा है।

उन्होंने कांग्रेस सरकार पर सूखे से प्रभावित किसानों की अनदेखी करने, कल्याणकारी वादों को पूरा न करने और राज्य की वित्तीय स्थिति को बिगड़ने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसान सूखे, अपर्याप्त मुआवज़े और बढ़ते वित्तीय दबाव से जूझ रहे हैं, जबकि सहकारी बैंक कृषि ऋण की वसूली के लिए नोटिस भेज रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस आश्वासन की भी याद दिलाई, जिसमें उन्होंने जबरन वसूली नहीं करने की बात कही थी।

श्री विजयेंद्र ने कहा, "राज्य सरकार किसानों की मदद करने में विफल रही है।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कृषि संकट को दूर करने की बजाय टाउनशिप और रियल एस्टेट परियोजनाओं में अधिक रुचि ले रहा है। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए सूखे से प्रभावित किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये का मुआवज़ा, 5 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ़ करने और डेयरी खेती के लिए प्रोत्साहन देने की मांग की। उन्होंने कृषि कार्यों के लिए रोज़ाना आठ घंटे तीन-चरण (थ्री-चरण) वाली बिजली आपूर्ति की भी मांग की।

श्री विजयेंद्र ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक को भी इसी तरह के कृषि राहत पैकेज पर विचार करना चाहिए, जिसमें 2 लाख रुपये तक का ऋण माफ़ी शामिल हो, ताकि संकटग्रस्त किसानों को वित्तीय स्थिरता वापस पाने में मदद मिल सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की बार-बार की मांगों के बावजूद सरकार ने अपर्याप्त राहत दी है और प्रशासन की नीतियों के कारण किसान समुदाय और अधिक संकट में धंस रहा है। श्री विजयेंद्र ने दावा किया कि कर्नाटक का बकाया कर्ज 9.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और आरोप लगाया कि सरकार कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं, सार्वजनिक परिवहन संचालन और अन्य आवश्यक दायित्वों के लिए धन जुटाने में संघर्ष कर रही है।

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