कलबुर्गी , अप्रैल 30 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को बदलने की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए गुरुवार को कहा कि राज्य में नेतृत्व का मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
गौरतलब है कि श्री खरगे की यह टिप्पणी कांग्रेस और राजनीतिक गलियारों में 04 मई के बाद कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन और कैबिनेट फेरबदल को लेकर चल रही जोरदार अटकलों के बीच आयी है। इसी दिन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के परिणामों के साथ कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित किये जायेंगे।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के समय मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के साथ हुए सत्ता-साझाकरण समझौते के अनुरूप उन्हें पदोन्नत किये जाने की मांग कर रहे हैं।
श्री खरगे ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए उनके पक्ष में की गयी टिप्पणियों के बारे में पत्रकारों से कहा, "आप (मीडिया) वह (जी. परमेश्वर) और शीर्ष स्तर के लोग कहते हैं कि अगर मैं मुख्यमंत्री बन जाऊं तो बेहतर होगा। लेकिन किस्मत से अधिक मेरी विचारधारा और अब तक पार्टी के प्रति मेरी सेवा को देखते हुए मेरे बारे में फैसले सोनिया गांधी ही लेती हैं।"श्री खरगे ने कहा, "लेकिन अभी यह सवाल उठता ही नहीं है क्योंकि यहां पहले से ही एक मुख्यमंत्री हैं। अगर श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और मुझे मिलकर बदलाव की दिशा में कोई फैसला लेना पड़ा, तो इसमें कुछ समय लगेगा। इसके लिए इंतजार कीजिए।"गौरतलब है कि श्री परमेश्वर ने बुधवार को कहा था कि अगर श्री खरगे जैसे वरिष्ठ और व्यापक अनुभव वाले राजनीतिज्ञ मुख्यमंत्री बनते हैं, तो सत्तारुढ़ कांग्रेस में हर कोई उनका स्वागत करेगा।
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तब और तेज हो गईं, जब 20 नवंबर, 2025 को कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा कर लिया। राजनीतिक चर्चाएं 2023 में सरकार गठन के दौरान श्री सिद्दारमैया और श्री शिवकुमार के बीच आपसी सहमति पर भी केंद्रित रही हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित