बेंगलुरु , सितंबर 11 -- कर्नाटक में तुमकुरु जिले के गंगासागर गांव में नक्सलियों का पांच लाख रुपये की मांग करने वाला पत्र मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

गौरतलब है कि तेलुगु भाषा में लिखा यह पत्र 'पीपल्स वॉर जनशक्ति पार्टी' के कॉमरेड देवाना दलम के नाम से जारी किया गया है, जो गांव में कुंतला भुशप्पा के खेत में मिला। पत्र में चेतावनी दी गयी है कि अगर इसकी जानकारी पुलिस को दी गयी तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

इस पत्र में दावा किया गया है कि नक्सली उप्पारा वेंकटेश से जुड़े उत्पीड़न और राजनीतिक साजिश के मामले में दखल दे रहे हैं और कानूनी खर्चों को पूरा करने के लिए 5 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। पावागडा पुलिस ने पत्र की सच्चाई का पता लगाने, इसके पीछे के लोगों की पहचान करने और यह तय करने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या इसका किसी संगठित नक्सली नेटवर्क से कोई संबंध है।

यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कर्नाटक ने पहले कई कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद खुद को नक्सली गतिविधियों से मुक्त घोषित कर दिया था। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह घटना डर पैदा करने की एक अलग-थलग कोशिश है या फिर चरमपंथी गतिविधियों के फिर से शुरू होने का संकेत है।

इस बीच उपमुख्यमंत्री डॉ. परमेश्वर ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और वह तुमकुरु के दौरे के दौरान स्थिति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं आज तुमकुरु जा रहा हूं। मैं पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों को बुलाऊंगा और मामले पर चर्चा करूंगा ताकि यह समझ सकूं कि क्या हुआ है। अगर ऐसी कोई बात सामने आती है, तो हम वहां और पुलिस बल तैनात करेंगे।"उपमुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि राज्य ने पहले नक्सली गतिविधियों को खत्म करने के लिए कदम उठाये थे और कहा कि नक्सल-विरोधी सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से खत्म नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर जांच में कोई वास्तविक खतरा सामने आता है, तो मौजूदा पुलिस बल को तुमकुरु में फिर से तैनात किया जा सकता है।

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