बेंगलुरु , अक्टूबर 29 -- कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 716 गैर-भारतीय नागरिकों के नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गये हैं। इनमें बेंगलुरु उत्तर में रहने वाले नेपाल के 545 नागरिक शामिल हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से किसी ने पिछले चुनावों में मतदान किया था या नहीं।
इन आंकड़ों से सवाल उठते हैं कि इन लोगों के नाम मतदाता सूची में कैसे दर्ज हुए, पंजीकरण के समय उनकी नागरिकता की जांच की गयी थी या नहीं और क्या इनमें से किसी ने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल किया था।
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने पुष्टि की कि पुनरीक्षण के दौरान विदेशी नागरिकों की पहचान की गयी है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों की संख्या 1,000 से कम है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कन्नड़ में ऐसे 40 मामले सामने आए। इनमें नेपाल के 17, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के छह-छह, कनाडा के पांच तथा ब्रिटेन के दो नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड और नॉर्वे के एक-एक नागरिक की पहचान की गई।
उत्तर कन्नड़ में नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका और बंगलादेश के नागरिकों से जुड़े 22 मामले सामने आए, जबकि उडुपी में नेपाल, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा सहित विभिन्न देशों के 47 लोगों की पहचान की गयी। ये निष्कर्ष एसआईआर के बाद कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची में लगभग 4.55 करोड़ मतदाताओं के दर्ज होने के बीच सामने आए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान करीब एक करोड़ नाम हटाए गये हैं।
हालांकि, 716 गैर-भारतीय नागरिकों की पहचान होने से अपने आप यह साबित नहीं होता कि नाम दर्ज कराए जाने के समय ये सभी लोग विदेशी नागरिक थे या इनमें से किसी ने मतदान किया था। भारतीय कानून के तहत विदेशी नागरिक मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के पात्र नहीं हैं। लेकिन यह पता लगाने के लिए कि किसी ने वास्तव में मतदान किया था या नहीं, चुनाव संबंधी अभिलेखों की अलग से जांच करनी होगी।
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