बेंगलुरु , जुलाई 28 -- ्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार मंगलवार को अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है और दावेदारों की ओर से जारी जोरदार लामबंदी के बीच, कांग्रेस आलाकमान की नयी दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में नये मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीद है।
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार पर सभी फैसले देर रात होने वाली बैठक में लिए जाने की संभावना है।
मैसूरु में पत्रकारों से बात करते हुये श्री सिद्दारमैया ने कहा, "आज रात एक बैठक है। संभवतः सब कुछ अंतिम रूप ले लेगा।" शपथ ग्रहण की तारीख के बारे में उन्होंने कहा कि इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार करेंगे।
पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सभी 20 खाली मंत्री पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी दिये जाने की उम्मीद है। अंतिम सूची की स्वीकृति के आधार पर गुरुवार को शपथ ग्रहण होने की संभावना है।
इस कवायद ने राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज कर दी हैं। श्री शिवकुमार पार्टी आलाकमान से चर्चा के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुये हैं। श्री सिद्दारमैया समेत वरिष्ठ नेता भी इन चर्चाओं में भाग ले रहे हैं। दावेदार मंत्रिमंडल में जगह पक्की करने के लिए आखिरी समय तक प्रयास कर रहे हैं।
नगर विकास मंत्री यतिंद्र सिद्दारमैया ने कहा कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने विचार-विमर्श के लिए कर्नाटक के प्रमुख नेताओं को बुलाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मंगलवार की बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दे दिया जायेगा।
इस बीच कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने संभावित घोषणा से पहले नंजनगुड के नंजुंडेश्वर मंदिर और चामुंडी हिल्स में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नये और अनुभवी चेहरों के 40:60 के फॉर्मूले पर विचार कर रही है और रामनगर जिले को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिये।
पूर्व मंत्री बीजेड ज़मीर अहमद खान ने कहा कि उन्होंने कभी भी मंत्री पद के लिए लामबंदी नहीं की है और आलाकमान जो भी फैसला लेगा, वे उसका पालन करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, जातिगत, क्षेत्रीय और सामुदायिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुये दावेदारों की संक्षिप्त सूची को 43 विधायकों से घटाकर 29 कर दिया गया है। जहां कांग्रेस आलाकमान नये चेहरों को अधिक प्रतिनिधित्व देने के पक्ष में माना जा रहा है, वहीं राज्य के नेताओं ने पिछली सरकारों के कई अनुभवी मंत्रियों की वापसी की पैरवी की है।
विचार-विमर्श का अंतिम दौर एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में होने की उम्मीद है। एक बार सूची को नेतृत्व की मंजूरी मिल जाने के बाद, इसे राज्यपाल के पास भेजे जाने की संभावना है। इससे इस सप्ताह के अंत में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार का रास्ता साफ हो जायेगा।
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