बेंगलुरु , जुलाई 22 -- कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को सूखे की बिगड़ती स्थिति के संकट को "अत्यंत गंभीर" बताते हुए केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय महत्व की आपदा घोषित करने और प्रभावित राज्यों को तुरंत राहत प्रदान करने का आग्रह किया।

श्री परमेश्वर ने राज्य के बड़े हिस्सों में सूखे की स्थिति तेजी से गंभीर होने की चेतावनी देते हुए कहा कि कर्नाटक पहले ही केंद्रीय सहायता और सूखा घोषित करने के मौजूदा नियमों में ढील देने का अनुरोध कर चुका है, लेकिन अभी तक उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "स्थिति अत्यंत गंभीर है। बड़े पैमाने पर सूखे के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री और मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि कर्नाटक और कई अन्य राज्यों को प्रभावित करने वाले इस सूखे को राष्ट्रीय महत्व की आपदा घोषित किया जाए।" उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र और कई अन्य राज्य भी सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं, जिससे केंद्र सरकार के लिए इस संकट को एक राष्ट्रीय आपदा मानकर समन्वित हस्तक्षेप करना अनिवार्य हो गया है।

श्री परमेश्वर ने कहा कि वह सूखा प्रभावित चिकबल्लापुर और कोलार जिलों का दौरा कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और वह शनिवार को चित्रदुर्ग में बेंगलुरु संभाग की स्थिति की समीक्षा करेंगे। मैसूरु संभाग के लिए भी जल्द ही एक अलग समीक्षा बैठक आयोजित की जायेगी।

उपमुख्यमंत्री की यह टिप्पणी कम बारिश और कर्नाटक के कई जिलों में कृषि, पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण आजीविका पर इसके प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आयी है।

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