बेंगलुरु , अक्टूबर 12 -- कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) से तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने पर रोक लगाने की अपील करेगी।

उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण राज्य के जलाशयों में पानी का भंडार कम है, ऐसे में राज्य से पानी छोड़ने की उम्मीद नहीं की जा सकती। श्री चालुवरायस्वामी ने संवाददाताओं से कहा कि कर्नाटक ने अब तक पानी छोड़ने के मामले में अदालत और सीडब्ल्यूआरसी के निर्देशों का पालन किया है लेकिन पानी की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए राज्य की जिम्मेदारियों का नये सिरे से आकलन करने की जरूरत है।

उन्होंने सवाल किया, "जब हमारे पास खुद पर्याप्त पानी का भंडार नहीं है, तो तमिलनाडु को पानी छोड़ना कैसे संभव है?" उन्होंने संकेत दिया कि सरकार मौजूदा हालात को देखते हुए सीडब्ल्यूआरसी के सामने अपना पक्ष रखेगी और हस्तक्षेप की मांग करेगी।

मंत्री ने बताया कि पानी छोड़ने की तय मात्रा को पहले ही 10,000 क्यूसेक से घटाकर 3,000 क्यूसेक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति की समीक्षा की मांग करेगी। उनका तर्क है कि पानी की उपलब्धता का सही आकलन किए बिना लगातार पानी छोड़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और पीने के पानी की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है।

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