बेंगलुरु , जून 17 -- कर्नाटक के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के करीबी सहयोगी एचसी महादेवप्पा के खिलाफ राज्यपाल थावरचंद गहलोत से भ्रष्टाचार की शिकायत की गयी है।
बेंगलुरु के एक निवासी ने अपनी शिकायत में श्री महादेवप्पा के मंत्री कार्यकाल के दौरान अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाये गये हैं।
शिकायत के अनुसार श्री महादेवप्पा पर आधिकारिक पद के दुरुपयोग, निविदा आवंटन में गड़बड़ी और समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं में पात्रता नियमों में कथित हेरफेर के आरोप हैं। याचिका में विशेष रूप से कर्नाटक आवासीय शैक्षणिक संस्थान सोसायटी और अंबेडकर विकास निगम जैसी संस्थाओं का हवाला दिया गया है। आरोप लगाया गया है कि फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों और सहायक दस्तावेजों के आधार पर चुनिंदा संगठनों को निविदाएं दी गयीं। शिकायतकर्ता ने राज्यपाल से इन आरोपों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच शुरू करने का आग्रह किया है।
शिकायत में निविदा प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा करने, लाभार्थियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों के सत्यापन और इन कथित अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग भी की गयी है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आरोप साबित होते हैं, तो सार्वजनिक धन की वसूली की जाये और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाये, जिसमें विधायक को विधानसभा से अयोग्य घोषित करना भी शामिल है।
श्री महादेवप्पा ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए किसी तरह की गड़बड़ी से साफ इनकार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में उन्होंने इस शिकायत को 'आधारहीन' और 'हास्यास्पद' बताया। उन्होंने जोर दिया कि वह अपने सार्वजनिक जीवन और मंत्री पद की जिम्मेदारियों में हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करते रहे हैं।
श्री महादेवप्पा ने कहा कि वह सक्षम अधिकारियों द्वारा की जाने वाली किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह शिकायत राजनीति से प्रेरित प्रतीत होती है, विशेषकर मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर चल रही चर्चाओं की पृष्ठभूमि में।
विधायक ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से इन आरोपों का संदर्भ के साथ मूल्यांकन करने की अपील की और कहा कि सार्वजनिक सेवा का उनका रिकॉर्ड पारदर्शी और स्थापित रहा है।
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