बेंगलुरु , जुलाई 02 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु दक्षिण में पत्थर की खदान ढहने की घटना के बाद राज्य में सभी खदानों में संचालन अभियानों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इस हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हो गई है।
श्री शिवकुमार ने वरिष्ठ अधिकारियों को दुर्घटना स्थल का दौरा करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देते हुए कहा, "हम राज्य में पत्थर निकालने के काम के लिए नये दिशानिर्देश जारी करेंगे और मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो।"मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा एवं पर्यावरण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में पत्थर निकालने के अभियानों की जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसी त्रासदियों को दोबारा होने से रोकने के लिए कदम उठाएगी।
यशवंतपुर के विधायक एस.टी. सोमशेखर के अनुसार, बेंगलुरु दक्षिण तालुक में पत्थर की खदान ढहने से शुरुआत में सात मज़दूरों की मौत हो गई और बाद में अस्पताल में एक घायल मज़दूर की मौत होने से मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। मरने वालों में ज़्यादातर बिहार के प्रवासी मज़दूर थे। श्री शिवकुमार ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि यह हादसा विस्फोट के बजाय मिट्टी के कटाव के कारण हुआ । उन्होंने असली कारण का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए।
मुआवज़े के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी और राज्य सरकार की तत्काल प्राथमिकता सुरक्षा उपायों को मज़बूत करना एवं भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है।
उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि सरकार उस प्रक्रिया की भी जांच करेगी जिसके तहत पत्थर निकालने की अनुमति दी गई थी और यह भी देखा जाएगा कि क्या नियमों का कोई उल्लंघन हुआ था। उन्होंने कहा, "हमें यह पता लगाना होगा कि ये मंज़ूरी कौन देता है। अभी, उपायुक्त और खनन विभाग के अधिकारी इन्हें जारी करते हैं। हम इस मामले की अच्छी तरह से जांच करेंगे और जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी वह करेंगे।"राज्य में अवैध खनन गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री परमेश्वर ने कहा कि सरकार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और खनन क्षेत्र की निगरानी को मजबूत करेगी। इस जानलेवा हादसे के बाद कर्नाटक में खदानों की सुरक्षा के मानकों और नियामक प्रणाली की फिर से जांच की जा रही है। सरकार ने संकेत दिया है कि राज्यव्यापी सुरक्षा अभियान के तहत कामकाज के तरीकों और लाइसेंस प्रणाली दोनों की पूरी समीक्षा की जाएगी।
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