बेंगलुरु , जुलाई 18 -- कर्नाटक के प्रस्तावित दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के स्थान को लेकर राजनीति तेज हो गयी है। केंद्रीय मंत्री वी सोमन्ना ने तुमकुरु जिले के शिरा में हवाई अड्डा बनाने की पैरवी की है, जबकि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने तुमकुरु शहर के लिए अपनी प्राथमिकता दोहरायी है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के तकनीकी मूल्यांकन के नतीजों पर निर्भर करेगा।
श्री सोमन्ना ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू को पत्र लिखकर शिरा के पास हवाईअड्डा स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने दलील दी है कि यह परियोजना बुनियादी ढांचे को बेंगलुरु के आसपास ही केंद्रित करने के बजाय मध्य और उत्तरी कर्नाटक के संतुलित विकास के लिए बदलाव लाने वाला जरिया साबित होना चाहिए।
अपने पत्र में श्री सोमन्ना ने कहा कि यह मांग तुमकुरु, चिकमगलूर, दावणगेरे, चित्रदुर्ग, बल्लारी, हावेरी और रायचूर के विधायकों की आकांक्षाओं को दर्शाती है, जिन्होंने पिछले वर्ष उनसे इस प्रस्ताव को केंद्र के समक्ष उठाने का आग्रह किया था।
उन्होंने तर्क दिया कि शिरा रणनीतिक रूप से मुंबई-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे, चेन्नई-बेंगलुरु औद्योगिक गलियारे और राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र (एनआईएमजेड) के पास स्थित है। इसके साथ ही वहां मजबूत सड़क एवं रेल यातायात, पर्याप्त सरकारी जमीन, पानी की उपलब्धता है और वह चित्रदुर्ग में डीआरडीओ की सुविधा, गुब्बी में एचएएल की हेलीकॉप्टर इकाई और आईआईएससी परिसर जैसे संस्थानों के करीब है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित स्थल केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से लगभग 150 किलोमीटर दूर है, जो डीजीसीए के दूरी संबंधी नियमों को पूरा करता है। इससे मध्य और उत्तरी कर्नाटक में निवेश, रोजगार एवं औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ यात्रियों और माल ढुलाई की यातायात में भी सुधार होगा।
श्री सोमन्ना ने केंद्र और कर्नाटक सरकार दोनों से शिरा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हुए कहा, "कर्नाटक का विकास बड़े पैमाने पर बेंगलुरु-केंद्रित ही रहा है। बेंगलुरु के पास एक और हवाई अड्डा बनने से संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित नहीं होगा।"इस बढ़ती बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही राज्य के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए तुमकुरु शहर का समर्थन किया है।
उन्होंने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा, "मैंने शुरू से ही यह इच्छा जतायी है कि दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तुमकुरु में बनना चाहिए।"श्री परमेश्वर ने बताया कि तकनीकी समिति पहले ही कुनिगल रोड और बिदादी-नेलमंगला क्षेत्रों का मुआयना कर राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप चुकी है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला डीजीसीए के तकनीकी मूल्यांकन पूरा करने के बाद लिया जायेगा।
उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि तुमकुरु तकनीकी रूप से उपयुक्त है और इससे लगभग 20 जिलों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी।
हवाईअड्डे के स्थान को लेकर यह खींचतान ऐसे समय में हो रही है, जब कर्नाटक सरकार इस ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे के लिए कई प्रस्तावों पर विचार कर रही है। उम्मीद है कि तकनीकी, नियामक और नीतिगत मंजूरियां मिलने के बाद ही अंतिम स्थान का निर्धारण होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित