मंगलुरु , सितंबर 19 -- कर्नाटक सरकार ने शनिवार को दक्षिण कन्नड़ और उडुपि जिलों में बोली जाने वाली तुलु को दूसरी अतिरिक्त आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया, जिससे तटीय भाषा को मान्यता देने की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गयी।

यह फैसला मंगलुरु में हुई मंत्रिमंडल की विशेष बैठक में लिया गया, जिसमें सरकार ने 32,611 करोड़ रुपये की परियोजनाओं, तटीय-मलनाड कर्नाटक पर्यटन नीति 2026 और 150 एकड़ के फिशरीज पार्क को भी मंजूरी दी। बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए, मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि तुलु पर यह फैसला एक ऐसी मांग के जवाब में लिया गया है, जो कई सालों से लंबित थी।

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