हासन , मार्च 18 -- कर्नाटक की राजनीतिक को झकझोर देने वाले पेन ड्राइव वितरण घोटाले में, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने खुलासा किया है कि हासन में 70 पेन ड्राइव केवल अश्लील वीडियो प्रसारित करने के लिए खरीदे गए थे।

एसआईटी के अनुसार, हासन स्थित सिविल अदालत में 13,712 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया गया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित 52 व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। इनमें से 39 लोगों पर अश्लील सामग्री वितरित करने के गंभीर आरोप साबित हुए हैं। यह आरोपपत्र तकनीकी डिजिटल फोरेंसिक और 200 से अधिक गवाहों के बयानों पर आधारित है।

जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि कई अश्लील वीडियो संबंधित महिलाओं की सहमति के बिना रिकॉर्ड किए गए थे और ये केवल निजी रिकॉर्डिंग नहीं थे बल्कि हासन और उसके आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल फोन और पेन ड्राइव के माध्यम से व्यवस्थित रूप से फैलाए गए थे।

आराेपपत्र में मुख्य आरोपियों में नवीन, कार्तिक (प्रज्वल रेवन्ना का ड्राइवर), चेतन और लिखित गौड़ा शामिल हैं। इस मामले की शुरुआत एक वकील की ओर से दायर शिकायत से हुई थी और एसआईटी की जांच में वीडियो के प्रसार के पीछे राजनीतिक मकसद प्रमुखता से सामने आए हैं।

यह विवाद इस आरोप से उपजा है कि 2024 के चुनावों से पहले हासन में हजारों वीडियो, कुछ रिपोर्टों के अनुसार लगभग 3,000 क्लिप व्यापक रूप से साझा किए गए, जिनमें यौन उत्पीड़न दर्शाया गया है और उनमें से कुछ बिना सहमति वाले थे। आरोप है कि इन क्लिपों में वे महिलाएं शामिल थीं जिन्होंने अधिकारियों और घरेलू कामगारों सहित किसी से मदद या एहसान मांगा था।

इस मामले ने गहन राजनीतिक एवं कानूनी जांच का भी सामना किया। अप्रैल 2024 में, जब यह घोटाला सार्वजनिक हुआ तो कर्नाटक सरकार ने छेड़छाड़ की गई सामग्री के दावों एवं रेवन्ना के खेमे द्वारा चुनाव से पहले उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए वीडियो प्रसारित करने के आरोपों के बीच मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। इसके बाद अलग-अलग आपराधिक कार्यवाही के बाद अगस्त 2025 में रेवन्ना को एक संबंधित यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया गया, जहां एक विशेष अदालत ने उन्हें बार-बार दुष्कर्म करने और वीडियो पर उन कृत्यों को रिकॉर्ड करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए, जिनमें आईटी अधिनियम के अंतर्गत निजता का उल्लंघन भी शामिल है।

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