बेंगलुरु , जुलाई 28 -- कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती से उठे विवाद की सीआईडी जांच के आदेश होने के साथ ही एक नया विवाद सामने आ गया है। आयोग पर आरोप लगाया गया है कि सहायक इंजीनियरों की भर्ती में हुयी गंभीर धांधली की जांच रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं गयी और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गयी।

गौरतलब है कि ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 244 सहायक कार्यपालक अभियंताओं की भर्ती से जुड़ी शिकायतों की जांच के लिए विजयाकुमार कुचनूरे की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने 23 जनवरी 2025 को 498 पन्नों की एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें 10 उम्मीदवारों से जुड़ी कथित धांधली की पहचान की गई थी। समिति ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की सीआईडी जांच कराने की सिफारिश की थी।

इस स्पष्ट सिफारिश के बावजूद, मामले में कोई आपराधिक जांच शुरू नहीं की गई और न ही कोई प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बजाय, आयोग ने चयन सूची को अंतिम रूप देकर राज्य सरकार को भेज दिया, जिसके बाद सरकार ने नियुक्ति आदेश जारी कर दिए। कथित अनियमितताओं में ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर और परीक्षा के दौरान धांधली शामिल है। जांच समिति का निष्कर्ष था कि उपलब्ध साक्ष्य विस्तृत आपराधिक जांच की मांग करते हैं।

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