बेंगलुरु , जून 02 -- वरिष्ठ कांग्रेस नेता जमीर अहमद खान से जुड़े एक वायरल ऑडियो क्लिप को लेकर छिड़ा विवाद मंगलवार को और बढ़ गया। कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम (केएमडीसी) के पूर्व निदेशक मोहम्मद सिराज ने साइबर क्राइम पुलिस का रुख करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें बदनाम करने और पार्टी के भीतर अशांति पैदा करने के लिए यह एक सोची-समझी साजिश है।
श्री सिराज ने दावणगेरे के विद्यानगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा कर कर्नाटक में राजनीतिक बहस का विषय बने इस ऑडियो क्लिप के स्रोत और इसके प्रसार की गहन जांच करने की मांग की है।
अपने समर्थकों के साथ पहुंचे श्री सिराज ने दावा किया कि इस रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने और खुद उनकी तथा श्री जमीर, दोनों की छवि को धूमिल करने के हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और आरोप लगाने वालों को अपने दावों को साबित करने की चुनौती दी।
शिकायत दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री सिराज ने कहा, "झूठी जानकारी फैलायी गयी है और मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचायी गयी है। इस साजिश के पीछे जो लोग भी हैं, उनकी पहचान कर उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।"पिछले दिनों सोशल मीडिया पर सामने आये इस ऑडियो क्लिप में दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के इर्द-गिर्द हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर श्री सिराज और श्री जमीर के बीच की बातचीत शामिल है। इस रिकॉर्डिंग ने कांग्रेस हलकों में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसके बाद कुछ नेताओं ने आंतरिक जांच की मांग भी शुरू कर दी है। इस क्लिप की सामग्री को भ्रामक बता कर श्री सिराज ने उसे खारिज कर दिया और दावा किया कि श्री जमीर के साथ उनकी बातचीत पूरी तरह से संगठनात्मक मामलों तक ही सीमित थी। उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया कि उन दोनों में से किसी ने भी उस तरह से बातचीत की थी जैसा वायरल रिकॉर्डिंग में दिखाया गया है।
बढ़ती आलोचनाओं का आक्रामक जवाब देते हुए श्री सिराज ने वक्फ बोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान लगे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों पर भी बात की। अपने विरोधियों को सीधी चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि यदि गलत काम का कोई भी सबूत पेश किया जाता है, तो वह सार्वजनिक जीवन छोड़ देंगे। श्री सिराज ने कहा, "अगर कोई दस्तावेजी सबूतों के साथ इन आरोपों को साबित कर दे, तो मैं सार्वजनिक जीवन से हटने के लिए तैयार हूं। लेकिन अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगा और सच सामने लाऊंगा।"श्री सिराज ने दावा किया कि विवाद शुरू होने के बाद से उन्होंने श्री खान से बात नहीं की है और उन्होंने उन आरोपों के आधार पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया है। श्री खान का पुरजोर बचाव करते हुए उन्होंने कांग्रेस नेता को समुदाय के बीच गहरा समर्थन रखने वाला एक जननेता बताया और इस बात पर जोर दिया कि वह कभी पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे।
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