बेंगलुरु , जून 15 -- भाजपा विधान पार्षद सीटी रवि ने सोमवार को कर्नाटक सरकार से श्री क्षेत्र धर्मस्थल और उसके धर्माधिकारी पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. डी. वीरेंद्र हेगड़े के खिलाफ कथित साजिश की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आग्रह किया।

उन्होंने इस प्रसिद्ध धार्मिक संस्थान को बदनाम करने के उद्देश्य से चलाये जा रहे 200 करोड़ रुपये के कथित अभियान के दावों का हवाला दिया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को लिखे खुले पत्र में श्री रवि ने कहा कि धर्मस्थल विवाद से जुड़े हालिया घटनाक्रमों ने करोड़ों भक्तों के बीच चिंता पैदा कर दी है और केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष कथित तौर पर दायर एक याचिका का जिक्र करते हुए श्री रवि ने कहा कि ऐसे आरोप सामने आये हैं कि धर्मस्थल और डॉ. हेगड़े के खिलाफ लगभग 200 करोड़ रुपये की एक संगठित और योजनाबद्ध साजिश रची गयी थी। उन्होंने कहा कि हालांकि इन दावों की सच्चाई जांच के जरिये ही स्थापित होनी चाहिए, लेकिन फंड के स्रोत और इसमें कथित रूप से शामिल व्यक्तियों या नेटवर्क पर सवाल बने हुए हैं।

श्री रवि ने कहा, "एक सम्मानित संस्थान के खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर अभियान चलाने के लिए पैसा कहां से आया? क्या यह कुछ व्यक्तियों का काम था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था? सच्चाई सामने आनी ही चाहिए।"भाजपा नेता ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी धर्मस्थल को निशाना बनाने के योजनाबद्ध प्रयास के बारे में चिंता व्यक्त की थी और कहा कि हालिया खुलासों ने गहन जांच की आवश्यकता को और मजबूत कर दिया है।

श्री रवि ने आगे सवाल उठाया कि क्या यह कथित अभियान हिंदू धार्मिक संस्थानों में विश्वास को कमजोर करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा था और क्या इसमें कोई बाहरी या विदेशी फंडिंग शामिल थी। इस बात के आरोपों को देखते हुए कि कर्नाटक से बाहर के लोग इस मामले से जुड़े थे, उन्होंने तर्क दिया कि केवल राज्य पुलिस ही इस मामले की जांच के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

उन्होंने कहा, "करोड़ों भक्तों के पूजनीय पूजा स्थल के खिलाफ साजिश को हल्के में नहीं लिया जा सकता। चूंकि मामले का दायरा कर्नाटक से बाहर तक फैला हुआ है, इसलिए इसे व्यापक और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए।"यह मांग उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका में किये गये दावों के बाद धर्मस्थल को लेकर नये सिरे से शुरू हुए विवाद के बीच आयी है, जिसने राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक बहस को तेज कर दिया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित