नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर सोमवार को तीनों सेनाओं की झांकी में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय हथियारों की मारक क्षमता की झलक दिखाई दी।
'ऑपरेशन सिंदूर: एकजुटता के माध्यम से विजय' थीम पर आधारित भारतीय सेना की झांकी राष्ट्र के विकसित सैन्य सिद्धांत का प्रभावशाली और सशक्त चित्रण प्रस्तुत किया जिसने सटीकता, एकीकरण और स्वदेशी श्रेष्ठता की दिशा में निर्णायक परिवर्तन को दर्शाया। इस झांकी के माध्यम से भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया कि निर्णायक, संयुक्त और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का युग आ चुका है। ऑपरेशन सिंदूर ने आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत और विकसित भारत 2047 की दिशा में राष्ट्र की अडिग प्रगति को प्रतिबिंबित किया। इसका भविष्य आत्मनिर्भर, समन्वित और अटूट रक्षा क्षमताओं से परिभाषित है। यह झांकी तीनों सेनाओं के समन्वय की इस कहानी को गतिशील और क्रमबद्ध प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत करती है।
झांकी के अग्रिम भाग में नौसेना के समुद्री प्रभुत्व को दर्शाया गया, जो समुद्री मोर्चे पर नियंत्रण स्थापित करते हुए शत्रु को किसी भी प्रकार की संचालन स्वतंत्रता से वंचित करता है। इसके बाद एम777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपें नजर आईं जो सटीक और संतुलित मारक क्षमता के साथ शत्रुतापूर्ण मंसूबों को निष्क्रिय करने का काम करती हैं। इनके पीछे प्रहरी की तरह खड़ी आकाश वायु रक्षा प्रणाली भारत की बहुस्तरीय और एकीकृत वायु सुरक्षा ढाल तथा अभेद्य आकाशीय सुरक्षा की झलक दिखायी दी।
झांकी के केंद्र में सेनाओं की मारक क्षमता की झलक देखने को मिली जो राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत की नयी सामान्य स्वरूप त्वरित प्रतिक्रिया, नियंत्रित और अटल सटीकता को प्रतिबिंबित करती है। लोइटरिंग म्यूनिशन शत्रु के वायु रक्षा रडार को नष्ट करता है, जो मानव रहित सटीक युद्ध क्षमता में भारत की मजबूती को प्रदर्शित करता है। इसके बाद स्कैल्प मिसाइलों से लैस राफेल विमान नजर आया जो आतंकवादी ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक करता है। इसके बाद नंबर आयासुखोई 30 का जो ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का प्रक्षेपण कर मजबूत विमान आश्रयों को नष्ट करता है, जो भारत की गहराई तक, तेज और पूर्ण सटीकता से प्रहार करने की क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।
वहीं इस दौरान एस 400 वायु रक्षा प्रणाली की झलक देखने को मिली जो 350 किलोमीटर की दूरी पर सबसे लंबी दूरी की कार्रवाई करते हुए शत्रु के एयरबोर्न अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म को निष्क्रिय कर देती है और स्पष्ट संदेश देती है कि भारत पहले देखता है, पहले निर्णय लेता है और पहले नष्ट करता है।
उस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के प्रत्येक चरण में एकजुटता और एकीकरण की परिपक्वता को रेखांकित किया गया, जहां सभी क्षेत्रों से खुफिया जानकारी का समन्वय, लक्ष्यों का सटीक चयन और न्यूनतम क्षति के साथ उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की गयी थी। यह कथा राष्ट्रीय संकल्प को दृढ़ता से स्थापित करती है कि आतंकवाद और खून एक साथ नहीं बह सकते और जो आतंकवाद को प्रायोजित या शरण देते हैं उन्हें त्वरित, सटीक और प्रचंड परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
ब्रांड इंडिया डिफेंस से सशक्त इस झांकी ने दिखाया कि स्वदेशी रक्षा प्रणालियां केवल बराबरी नहीं कर रहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। यह ऐसे राष्ट्र को प्रस्तुत करती है जहां त्रि-सेवा अंतर-संचालनीयता, नागरिक सैन्य समन्वय और वास्तविक समय में संचालनात्मक तालमेल विश्वसनीय शक्ति प्रदर्शन की आधारशिला हैं। झांकी में यह बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक घोषणा है कि एकजुटता के माध्यम से विजय अब उसकी परिचालन पहचान और निर्णायक हस्ताक्षर बन चुका है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित