भरतपुर , जुलाई 17 -- राजस्थान में करौली जिले के पांचना बांध के जलद्वारों की तकनीकी खामियां दूर करने के बाद क्षेत्र के सिंचित क्षेत्र, नदी प्रवाह क्षेत्र और गुडला-पांचना लिफ्ट परियोजना की नहरों में पानी छोड़ने का परीक्षण सफल होते ही किसानों में खुशी की लहर दौड़ गयी।
आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अब क़रीब 20 वर्ष बाद पांचना बांध की नहरों में नियमित जलापूर्ति बहाल होने कारास्ता साफ हो गया है। पूजा-अर्चना के साथ जलद्वार खोले गये और अधिकारियों ने परीक्षण को पूरी तरह सफल बताया।
उल्लेखनीय है कि छह जुलाई को करीब 20 वर्ष बाद पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने के दौरान जलद्वारों में तकनीकी खराबी के कारण पर्याप्त जल निकासी नहीं हो सकी, इससे नाराज किसानों ने कई स्थानों पर जाम और धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके बाद मथुरा, देवली और मुंबई से विशेषज्ञ तकनीशियन और गोताखोरों को बुलाकर उनकी मदद से जलद्वारों की मरम्मत करवाकर तकनीकी खामियों को दूर किया गया।
इस अवसर पर संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता डी. के. अग्रवाल, करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर कानाराम और सिंचित क्षेत्र के किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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