ग्वालियर , सितंबर 04 -- जन्माष्टमी के अवसर पर ग्वालियर के ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में भगवान राधाकृष्ण का बेशकीमती आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। हीरे, पन्ने, माणिक, पुखराज और नीलम जैसे रत्नों से जड़े आभूषणों से सजे भगवान के दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। दर्शन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।

फूलबाग चौराहे के पास स्थित गोपाल मंदिर का निर्माण वर्ष 1921 में तत्कालीन ग्वालियर रियासत के शासक माधवराव सिंधिया प्रथम ने कराया था। भगवान की पूजा के लिए चांदी के बर्तन और श्रृंगार के लिए रत्नजड़ित सोने के आभूषण तैयार करवाए गए थे। इनमें राधाकृष्ण के लिए विशेष हार, सात लड़ियों वाला हार, सोने की बांसुरी, नथ और जंजीर शामिल हैं।

श्रृंगार में इस्तेमाल सात लड़ियों वाला हार विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें 62 असली मोती और 55 पन्ने जड़े हैं और इसकी कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके अलावा पन्ने और हीरे से जड़ा मुकुट तथा सोने की बांसुरी, नथ, जंजीर सहित अन्य आभूषण भी भगवान को पहनाए गए। इन आभूषणों में सोने के साथ विभिन्न बहुमूल्य रत्नों का इस्तेमाल किया गया है।

बताया गया है कि आजादी से पहले तक ये आभूषण भगवान राधाकृष्ण को नियमित रूप से पहनाए जाते थे। आजादी के बाद सुरक्षा कारणों से इन्हें बैंक लॉकर में रखवा दिया गया। वर्ष 2007 में ये आभूषण नगर निगम की देखरेख में आए। इसके बाद प्रत्येक जन्माष्टमी पर विशेष समिति की निगरानी में इन्हें बैंक लॉकर से निकालकर मंदिर लाया जाता है और श्रृंगार के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच वापस लॉकर में रख दिया जाता है।

शुक्रवार को भी कड़ी सुरक्षा के बीच आभूषण बैंक लॉकर से निकालकर मंदिर लाए गए और भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। भगवान के अलौकिक श्रृंगार के दर्शन के लिए ग्वालियर के अलावा आसपास के क्षेत्रों तथा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे।

करोड़ों रुपये के आभूषणों को देखते हुए मंदिर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में 100 से अधिक जवान तैनात रहे और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभाली। प्रवेश द्वार पर एएसपी और सीएसपी स्तर के अधिकारियों ने सुरक्षा की कमान संभाली। श्रद्धालुओं की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और पूरे मंदिर परिसर की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई।

इस अवसर पर महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार, सभापति मनोज तोमर, नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी, अपर आयुक्त डी. प्रतीक राव, अपर आयुक्त प्रदीप तोमर, डिप्टी कमिश्नर मुकेश बंसल एवं पार्षदगण मौजूद रहे।

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